भारतीय नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नाभिकीय ईंधन तथा जर्केलॉय संरचना वाले घटकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नाभिकीय ईंधन सम्मिश्र द्वारा आकलन के पश्चात सन् 2001 में जर्कोनियम स्पांज का उत्पादन बढ़ाने की दृष्टि से जर्कोनियम परिसर (ZC) नामक परियोजना को तमिलनाडु के तटवर्ती शहर तूतीकोरीन के एक हरित क्षेत्र स्थल पलयकायल में स्थापित किया गया।

अवस्थिति | पहुँचना | संपर्क

जर्कोनियम परिसर का कमीशनन नवम्बर 2009 में किया गया ताकि जर्कोनियम ऑक्साइड तथा जर्कोनियम स्पांज की बढ़ती माँग को पूरा किया जा सके।

प्रचालन से अबतक संयंत्र लगातार कार्यरत है और अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार जर्कोनियम स्पांज का उत्पादन कर रहा है।

zirconium-complex nfc
जर्कोनियम परिसर, नाईंस

नाभिकीय अनुप्रयोगों में उपयोग करने के लिए जर्कोनियम तथा इसकी मिश्र धातुओं के लिए कच्चे माल की गुणवत्ता, रसायनों तथा मध्यवर्ती प्रक्रम धाराओं / उत्पादों की कड़ी निगरानी आवश्यक है। प्रक्रम नियंत्रण और उत्पादों के गुणवत्ता नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक वैश्लोषिक उपकरणों के उपयोग से नमूनों का विश्लेषण करने के लिए पदार्ध परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है।

सन् 2018 में, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा जर्कोनियम परिसर की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को आईएसओ 9001:2015 के अनुसार प्रमाणित किया गया। सन् 2023 में जर्कोनियम परिसर को अक्टूबर माह में बेहतरीन गुणवत्ता आश्वासन कार्यों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा पुरस्कृत किया गया।

उत्पादन प्रक्रियाओं में विकास व सुधार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बेहतर रिकवरी, रसायनों का कम खपत और बहिस्त्रावों में कमी लाई जा सके। इन प्रयासों से जर्कोनियम परिसर निरंतर नई ऊँचाईयों और परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिदेशों को पूरा करने की उपलब्धियों को प्राप्त कर सका है।


जर्कोनियम परिसर का उद्घाटन करते परमाणु ऊर्जा आयोजग के अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोडकर
जर्कोनियम परिसर का उद्घाटन करते परमाणु ऊर्जा आयोजग के अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोडकर

जर्कोनियम परिसर (ZC) टाउनशिप में पऊवि के कर्मचारियों तथा केंऔसुब कार्मिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सन् 2017 के मार्च माह में परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की गई।

समुद्री जल से पेय जल बनाने के लिए जर्कोनियम परिसर द्वारा समुद्री जल प्रतिलोम परासरण (SWRO) संयंत्र की स्थापना की गई है।

जर्कोनियम परिसर की आगामी योजनाएं:

  • मैग्नीशियम पुर्नचक्रण तकनीक का विकास एवं प्रदर्शन सुविधा की स्थापना।
  • भविष्य की नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम की मांग के अनुरुप जर्कोनियम स्पांज की उत्पादन क्षमता का संवर्धन।
  • जर्कोनियम परिसर टाउनशिप की आधारभूत संरचनाओं का आवश्यकता अनुरूप संवर्धन।

जर्कोनियम परिसर के कर्मचारियों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों के कल्याण एवं सुविधा के लिए टाउनशिप तथा अन्य सुविधाएं जैसे मेडिकल केंद्र, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि उपलब्ध हैं।

सन् 2021 के लिए जर्कोनियम परिसर को परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड औद्योगिक संरक्षा पुरस्कार
सन् 2021 के लिए जर्कोनियम परिसर को परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड औद्योगिक संरक्षा पुरस्कार
नवम्बर 2020 में परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन किया गया
नवम्बर 2020 में परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन किया गया